नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए:
दोनों कथन सत्य हैं: संप्रेषण में कोड अपनी ग्रहणशीलता में कभी तटस्थ नहीं होते, तथा कोड सदैव अर्थ का ऐसा प्रतिनिधित्व करते हैं जो पक्षधरता को दर्शाता है।
कथन 1 टिकता है क्योंकि प्रत्येक कोड प्राप्तकर्ता के अपने मूल्यों तथा संदर्भ से पढ़ा जाता है, अतः ग्रहण सदा रंगा होता है, कोरा नहीं।
कथन 2 टिकता है क्योंकि कोड वरीय, वैचारिक रूप से भारित अर्थ वहन करते हैं, अतः वे कुछ पठनों को दूसरों पर तरजीह देते हैं और कभी निष्पक्ष नहीं होते।
ये दोनों दावे साथ बैठते हैं, एक ग्रहण के पक्षपाती पहलू की बात करता है, दूसरा प्रतिनिधित्व के पक्षपाती पहलू की।
इस प्रकार कोड दोनों सिरों पर कार्य करते हैं, संदेश को उसके बनते समय आकार देते हैं और समझे जाते समय पुनः आकार देते हैं।
स्टुअर्ट हॉल का कूटलेखन विकोडन प्रतिरूप दिखाता है कि वरीय अर्थ तथा असमान पठन ठीक इसी पक्षधरता से उपजते हैं।
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