अनेक मामलों में मंद अधिगम निम्न बौद्धिक क्षमता के अतिरिक्त अन्य कारकों से होता है। निम्नलिखित में से कौन मंद अधिगमकर्ता की विशेषता नहीं है?
Aअमूर्त चिंतन (abstract thinking) ✓ Correct
Bअल्प अवधान-अवधि
Cरुचियों का सीमित दायरा
Dसीमित शब्द-भंडार
Correct answer: (A) अमूर्त चिंतन (abstract thinking)
Explanation
अमूर्त चिंतन (abstract thinking) वह गुण है जो मंद अधिगमकर्ता में नहीं होता; वह अमूर्तन के बजाय मूर्त, अनुभवजन्य तर्क पर निर्भर रहता है।
अल्प अवधान-अवधि (B) वास्तविक विशेषता है; ऐसे बालक लंबे समय तक ध्यान नहीं टिका पाते।
रुचियों का सीमित दायरा (C) वास्तविक है; उनकी जिज्ञासा और संलग्नता संकुचित रहती है।
सीमित शब्द-भंडार (D) वास्तविक है; भाषा-विकास में देरी शब्दकोश को सीमित करती है।
मंद अधिगमकर्ता का बुद्धि-लब्धि (IQ) प्रायः 70 से 90 के बीच, औसत से नीचे पर मंदबुद्धि से ऊपर होता है।
वे पिछड़े बालकों से भिन्न हैं, जिनका न्यून निष्पादन बाह्य कारणों से भी हो सकता है।
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