माध्यमित संप्रेषण में श्रोता के ध्यान को माना जाता है:
Aमानवीय देयता
Bअपर्याप्त संसाधन ✓ Correct
Cदृश्यता उत्पाद
Dविनियमित देयता
Correct answer: (B) अपर्याप्त संसाधन
Explanation
माध्यमित संचार में आग्राही-वर्ग का ध्यान एक अपर्याप्त (दुर्लभ) संसाधन माना जाता है।
असंख्य संदेश एक साथ होड़ करते हैं, फिर भी हर व्यक्ति एक बार में थोड़े पर ही ध्यान दे पाता है।
इसी दुर्लभता के कारण मीडिया और विज्ञापनदाता ध्यान खींचने और बनाए रखने में इतना प्रयास करते हैं।
इसे मानवीय देयता कहना ध्यान को सीमित एवं मूल्यवान वस्तु के बजाय एक बोझ समझ लेना है।
इसे दृश्यता उत्पाद या विनियमित देयता कहना ध्यान को उत्पादन या विधिक कर्तव्य से गड्डमड्ड करना है।
यही विचार आधुनिक 'ध्यान अर्थव्यवस्था' (अटेंशन इकॉनमी) की धारणा का आधार है।
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