संप्रेषण के अनुष्ठानिक (ritualistic) दृष्टिकोण में, व्यक्ति समझ का आदान-प्रदान किसके लिए करते हैं?
संप्रेषण के अनुष्ठानिक दृष्टिकोण में व्यक्ति समझ का आदान-प्रदान सहभागिता और भाईचारे के लिए करते हैं, महज आँकड़े पहुँचाने के बजाय एक साझा समुदाय में सिमटते हुए।
यहाँ संप्रेषण एक साझा अनुष्ठान है जो लोगों को साझी मान्यता और सहचर्य में बाँधता है, उस एकजुटता के लिए मूल्यवान जो वह रचता है।
इसे सूचना का संचय पढ़ना संचरण दृष्टि से संबंधित है, जहाँ प्रयोजन संदेश हिलाना है, जुड़ना नहीं।
इसे स्वार्थ को बढ़ावा नामित करना अनुष्ठानिक दृष्टि के उस बल को उलट देता है जो व्यक्तिगत लाभ पर सामूहिकता को रखता है।
इसे शब्द-केंद्रित उपस्थिति मानना शब्द से जुड़ी एक दार्शनिक चिंता लाता है जिसे अनुष्ठानिक मॉडल केंद्र में नहीं रखता।
जेम्स कैरी ने अनुष्ठानिक दृष्टि को साझा समय और अपनेपन में समाज के अनुरक्षण के रूप में गढ़ा।
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