कक्षा-संचार में अर्थगत शोर (semantic noise) को किसके प्रयोग से बचकर सीमित किया जा सकता है?
Aसंवाद
Bघिसे-पिटे शब्दजाल ✓ Correct
Cअशाब्दिक संकेत
Dबहुमाध्यम
Correct answer: (B) घिसे-पिटे शब्दजाल
Explanation
कक्षा-संचार में अर्थगत शोर घिसे-पिटे शब्दजाल से बचकर सीमित किया जाता है, वे पुराने विशेषज्ञ शब्द जो अर्थ धुँधला करते हैं।
ऐसा शब्दजाल परस्पर समझा नहीं जाता और अर्थ के स्तर पर बाधा उत्पन्न करता है।
संवाद दुतरफ़ा आदान-प्रदान खोलते हैं और हानि के बजाय समझ में सहायता करते हैं।
अशाब्दिक संकेत बोले गए संदेश का समर्थन करते हैं और अर्थ स्पष्ट करते हैं।
बहुमाध्यम प्रस्तुति को समृद्ध करता है और बोध में सहायक होता है।
सरल, साझा शब्दावली अर्थगत शोर का उपचार है।
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