व्याख्यान सुनने हेतु सुझावों में सम्मिलित है
व्याख्यान सुनने हेतु उचित सुझाव है अपनी रुचि के क्षेत्र खोजना, विकर्षणों से बचना और मुख्य विचारों को सुनना।
व्यक्तिगत प्रासंगिकता खोजना अभिप्रेरणा बनाए रखता है, जबकि विकर्षण छाँटना अवधान की रक्षा करता है।
केवल प्रस्तुति पर केंद्रित होना और सारांश व पुनरावलोकन छोड़ना, जैसा पहला विकल्प कहता है, वास्तविक अंतर्वस्तु की उपेक्षा है।
रचनात्मक सोच हेतु कम ध्यान देना और व्याख्यान-संकेतों की उपेक्षा करना, जैसा दूसरा कहता है, सुनने को ही विफल कर देता है।
नोट्स न बनाना, जैसा तीसरा कहता है, धारण व बाद के पुनरावलोकन का एक मुख्य साधन हटा देता है।
ये प्रभावी आदतें राल्फ निकोल्स की प्रतिध्वनि हैं, जिन्हें प्रायः श्रवण-क्षेत्र का जनक कहा जाता है।
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