यह विश्वास कि कोई किसी स्थिति पर नियंत्रण पा सकता है और सकारात्मक परिणाम उत्पन्न कर सकता है, कहलाता है:
Aआत्म-प्रभावकारिता (Self-efficacy) ✓ Correct
Bआत्म-सम्मान
Cआत्म-सिद्धि
Dआत्म-नियमन
Correct answer: (A) आत्म-प्रभावकारिता (Self-efficacy)
Explanation
आत्म-प्रभावकारिता यह विश्वास है कि कोई अपने ही कार्यों से किसी स्थिति पर नियंत्रण पा सकता है और सकारात्मक परिणाम उत्पन्न कर सकता है।
आत्म-सम्मान अपने समग्र मूल्य की अनुभूति है, किसी कार्य-विशिष्ट सामर्थ्य का विश्वास नहीं।
आत्म-सिद्धि मास्लो की अपनी पूर्ण संभावना की प्राप्ति है, किसी स्थिति पर नियंत्रण का विश्वास नहीं।
आत्म-नियमन अपने ही व्यवहार और संवेगों का नियंत्रण है, अपनी सक्षमता का विश्वास नहीं।
आत्म-प्रभावकारिता उन लक्ष्यों को गढ़ती है जो लोग निर्धारित करते हैं और उनमें लगाए प्रयास व दृढ़ता को।
अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) ने सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत में आत्म-प्रभावकारिता की अवधारणा विकसित की।
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