एक स्थिति से दूसरी स्थिति में अधिगम का वह अंतरण जो सचेत और प्रयत्नपूर्ण होता है, कहलाता है:
उच्च-मार्ग अंतरण अधिगम का एक स्थिति से दूसरी में वह सचेत और प्रयत्नपूर्ण अंतरण है जो किसी सिद्धांत के जान-बूझकर अमूर्तन से होता है।
निकट अंतरण अत्यंत मिलती-जुलती स्थितियों के बीच अंतरण को कहता है, जो संदर्भ की समानता से परिभाषित है, मानसिक प्रयास से नहीं।
निम्न-मार्ग अंतरण स्वचालित और स्वतःस्फूर्त होता है, मिलते-जुलते परिवेश में भली-अभ्यस्त कौशलों से प्रेरित, प्रयत्नपूर्ण का विपरीत।
दूर अंतरण अत्यंत भिन्न संदर्भों के बीच अंतरण को कहता है, जो दूरी से परिभाषित है, सचेत प्रयास से नहीं।
उच्च-मार्ग अंतरण सचेत अमूर्तन और अंतर्निहित नियम के चिंतनशील अनुप्रयोग पर निर्भर करता है।
सैलोमन और पर्किन्स (Salomon and Perkins) ने अधिगम-अंतरण में उच्च-मार्ग बनाम निम्न-मार्ग भेद प्रस्तुत किया।
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