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यह दृष्टि कि व्यवहार में परिवर्तन पर्यावरणीय प्रभावों के, अधिगमकर्ता के भीतर की जन्मजात प्रवृत्तियों और प्रक्रियाओं के साथ अंतःक्रिया का शुद्ध परिणाम हैं, कहलाती है

Aनव-व्यवहारवादी सिद्धांत (neo-behavioural theory) ✓ Correct
Bसंज्ञानात्मक सिद्धांत
Cव्यवहारवादी सिद्धांत
Dउपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct answer: (A) नव-व्यवहारवादी सिद्धांत (neo-behavioural theory)
Explanation

यह मानना कि व्यवहार-परिवर्तन पर्यावरण के, अधिगमकर्ता की जन्मजात प्रवृत्तियों व आंतरिक प्रक्रियाओं के साथ अंतःक्रिया का शुद्ध परिणाम है, नव-व्यवहारवादी दृष्टि है।

यह पर्यावरण पर व्यवहारवाद के बल को बनाए रखती है पर उद्दीपक व अनुक्रिया के बीच आंतरिक, मध्यस्थ चरों को स्वीकारती है।

संज्ञानात्मक सिद्धांत पूर्णतः प्रत्यक्षण, स्मृति और चिंतन जैसी आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित है, इस संतुलन पर नहीं।

शुद्ध व्यवहारवादी सिद्धांत केवल प्रेक्षणीय उद्दीपक और अनुक्रिया का अध्ययन करता है और आंतरिक प्रवृत्तियों को कारणभूत भूमिका नहीं देता।

'कोई नहीं' विकल्प इसलिए गलत है क्योंकि इस विवरण पर एक मान्य नाम, नव-व्यवहारवाद, लागू होता है।

टॉलमैन और हल जैसे नव-व्यवहारवादियों ने उद्दीपक व अनुक्रिया को जोड़ने हेतु मध्यवर्ती चर (intervening variables) प्रस्तुत किए।

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