भारत में प्राच्य अधिगम कार्यक्रमों (oriental learning programmes) के अंतर्गत, अधिगमकर्ता की भूमिका अपेक्षाकृत किस प्रकार मानी जाती थी?
Aसक्रिय ✓ Correct
Bनिष्क्रिय
Cतटस्थ
Dमौन
Correct answer: (A) सक्रिय
Explanation
भारत में प्राच्य अधिगम कार्यक्रमों के अंतर्गत अधिगमकर्ता की भूमिका अपेक्षाकृत सक्रिय मानी जाती थी, जिसमें शिष्य जिज्ञासा, वाद विवाद तथा पाठ में संलग्न रहता था।
निष्क्रिय ऐसे अधिगमकर्ता को दर्शाता जो बिना संलग्नता के केवल ग्रहण करता है, जो प्राच्य परंपरा से मेल नहीं खाता।
तटस्थ का अर्थ कोई निर्धारित भूमिका न होना है, जो प्राच्य अधिगम की सहभागी प्रकृति को गलत दर्शाता है।
मौन एक भाग न लेने वाले अधिगमकर्ता का संकेत देता है, जो चर्चा आधारित गुरुकुल शैली के विपरीत है।
गुरु शिष्य परंपरा में संवाद, प्रश्न तथा कंठस्थ पाठ पर बल था।
यह पाश्चात्य प्रणालियों के विपरीत है जिन्हें प्रायः अधिक शिक्षक प्रेषण केंद्रित कहा जाता है।
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