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पारंपरिक शिक्षण विधि और सहायता प्रणाली के बारे में सही ढंग से क्या अनुमानित किया जा सकता है? नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

1.शिक्षक कक्षा नियंत्रित करने हेतु उत्तरदायी है और श्यामपट्ट के उपयोग से पढ़ाता है
2.इसे 'बैक-टू-बेसिक्स' प्रणाली भी कहा जाता है
3.विद्यार्थी स्व-अधिगम उपकरणों के उपयोग की जिम्मेदारी उठाता है
4.आभासी प्रयोगशालाएँ शिक्षण उपकरणों में से एक के रूप में प्रयुक्त होती हैं
5.चार्ट, मानचित्र और पाठ्यपुस्तकें प्रमुख संसाधन हैं और शिक्षक हैंडआउट का उपयोग करते हैं
Aकेवल 2 और 3
Bकेवल 1, 2 और 4
Cकेवल 4 और 5
Dकेवल 1, 2 और 5 ✓ Correct
Correct answer: (D) केवल 1, 2 और 5
Explanation

पारंपरिक शिक्षण में शिक्षक श्यामपट्ट से कक्षा नियंत्रित करता है, इसे बैक-टू-बेसिक्स प्रणाली कहते हैं, और यह चार्ट, मानचित्र, पाठ्यपुस्तक व हैंडआउट पर निर्भर है।

शिक्षक द्वारा श्यामपट्ट से कक्षा नियंत्रित करना (1) पारंपरिक विधि की पहचान है।

बैक-टू-बेसिक्स नाम (2) इस दृष्टिकोण को सही रूप से पुकारता है।

विद्यार्थी द्वारा स्व-अधिगम उपकरणों की जिम्मेदारी उठाना (3) आधुनिक विधियों का अंग है।

आभासी प्रयोगशालाएँ (4) डिजिटल, आधुनिक शिक्षण उपकरण हैं, न कि पारंपरिक।

चार्ट, मानचित्र, पाठ्यपुस्तक और हैंडआउट (5) पारंपरिक शिक्षण के प्रमुख संसाधन हैं।

पारंपरिक शिक्षण शिक्षक-केंद्रित है, जबकि आधुनिक विधियाँ शिक्षार्थी-केंद्रित हैं।

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