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निम्नलिखित में से किसे भारत में संचार की लोक परंपरा नहीं माना जा सकता?

Aसिनेमा ✓ Correct
Bजात्रा
Cरामलीला
Dकुंभ मेला
Correct answer: (A) सिनेमा
Explanation

सिनेमा को भारत में संचार की लोक परंपरा नहीं माना जा सकता क्योंकि यह एक आधुनिक जनसंचार माध्यम है।

लोक परंपराएँ देशज, प्रदर्शन-आधारित और समुदाय में निहित रूप हैं जो मौखिक रूप से हस्तांतरित होते हैं।

जात्रा एक पारंपरिक बंगाली खुले मंच का लोक रंगमंच है जो कथा और गीत गाँव के दर्शकों तक पहुँचाता है।

रामलीला रामायण का सामूहिक रूप से स्थानीय परिवेश में किया जाने वाला लोक नाट्य अभिनय है।

कुंभ मेला एक पारंपरिक विशाल समागम है जो साझा सांस्कृतिक संचार के लोक चैनल के रूप में कार्य करता है।

इसके विपरीत सिनेमा प्रौद्योगिकी-चालित, औद्योगिक रूप से निर्मित माध्यम है और लोक रूपों से अलग है।

भारत में लोक माध्यम ग्रामीण, मौखिक समुदायों में अपनी पहुँच हेतु मूल्यवान माने जाते हैं।

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