निम्नलिखित में से कौन उच्चतर शिक्षा में शिक्षण और अधिगम निर्धारित करने वाले व्यवहारगत उद्देश्यों के गुण हैं?
व्यवहारगत उद्देश्य अधिगम को केन्द्रित और निष्पाद्य बनाते हैं, क्योंकि वे स्पष्ट बताते हैं कि अनुदेशन के बाद शिक्षार्थी क्या कर पाएगा।
प्रेक्षणीय और मापने योग्य रूप में कहे जाने से ये शिक्षक और शिक्षार्थी को स्पष्ट लक्ष्य और सफलता जाँचने का उपाय देते हैं।
शिक्षक-केन्द्रित होना प्रायः दोष के रूप में गिना जाता है, व्यवहारगत उद्देश्यों का गुण नहीं।
सूक्ष्मताओं पर बहुत संकीर्ण रूप से केन्द्रित होना आलोचना है, क्योंकि तुच्छ ब्योरा व्यापक समझ को दबा सकता है।
स्वतःस्फूर्त अनैच्छिक परिणामों के अवसरों को सीमित करना दोष है, क्योंकि मूल्यवान अनियोजित अधिगम की उपेक्षा हो सकती है।
रॉबर्ट मेगर ने बताया कि व्यवहारगत उद्देश्य निष्पादन, शर्त और मानदंड से कैसे लिखे जाएँ।
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