अधिगम के मार्गदर्शन में शिक्षक की भूमिका का निम्नलिखित में से कौन-सा पक्ष सबसे कम महत्त्वपूर्ण है?
Aबाधाओं और कठिनाइयों को पार करने की अंतर्दृष्टि विकसित करना ✓ Correct
Bपर्याप्त निष्पादन क्या है, इसकी अंतर्दृष्टि विकसित करना
Cप्रोत्साहन और नैतिक समर्थन देना
Dसतत नैदानिक और उपचारात्मक सहायता देना
Correct answer: (A) बाधाओं और कठिनाइयों को पार करने की अंतर्दृष्टि विकसित करना
Explanation
बाधाओं और कठिनाइयों को पार करने की अंतर्दृष्टि विकसित करना सूचीबद्ध भूमिकाओं में सबसे कम केंद्रीय है, क्योंकि इसे अधिगमकर्ता प्रायः स्वयं के प्रयास से बनाता है।
पर्याप्त निष्पादन क्या है, इसकी अंतर्दृष्टि (B) महत्त्वपूर्ण है क्योंकि अधिगमकर्ता को स्पष्ट मानक चाहिए।
प्रोत्साहन और नैतिक समर्थन (C) एक प्रमुख भावात्मक कर्तव्य है जो अभिप्रेरणा बनाए रखता है।
सतत नैदानिक और उपचारात्मक सहायता (D) केंद्रीय है, समय रहते त्रुटियाँ खोजकर सुधारना।
अधिगम का मार्गदर्शन मुख्यतः मानक तय करना, अभिप्रेरित करना और सुधार करना है, हर बाधा हटाने से अधिक।
नैदानिक और उपचारात्मक शिक्षण रचनात्मक मूल्यांकन पर आधारित है जो अनुदेशन में पुनः लौटता है।
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