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ऑनलाइन शिक्षण-विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन लागू होते हैं?

1.शिक्षक ज्ञान के निर्माण में सहायता नहीं करता।
2.अनुदेशन प्रक्रिया में अधिगमकर्ताओं की अधिक भूमिका होती है।
3.अनुदेशन का संप्रेषण सदैव मौखिक होता है।
4.स्व-अधिगम और अभिप्रेरणा की अधिक संभावनाएँ होती हैं।
5.यह प्रकृति में कठोर (rigid) होता है।
A1, 2 और 4
B2 और 4 ✓ Correct
C2, 3 और 5
D1, 3 और 5
Correct answer: (B) 2 और 4
Explanation

ऑनलाइन शिक्षण में अधिगमकर्ता की अनुदेशन-प्रक्रिया में अधिक भूमिका होती है और स्व-अधिगम एवं अभिप्रेरणा की अधिक संभावनाएँ होती हैं, अतः कथन 2 और 4 उत्तर हैं।

ऑनलाइन विधियाँ अधिगमकर्ता-केंद्रित हैं, जो ज्ञान-निर्माण के केंद्र में विद्यार्थी को रखती हैं।

वे स्व-गति, स्व-प्रेरित अध्ययन और आंतरिक अभिप्रेरणा के लिए व्यापक अवकाश खोलती हैं।

यह दावा कि शिक्षक ज्ञान-निर्माण में सहायता नहीं करता (कथन 1) असत्य है, क्योंकि ऑनलाइन शिक्षक उसे सुगम बनाता है।

ऑनलाइन संप्रेषण सदैव मौखिक नहीं होता (कथन 3); यह मल्टीमीडिया, पाठ और अंतःक्रिया का प्रयोग करता है।

ऑनलाइन अधिगम कठोर के बजाय लचीला होता है (कथन 5), जो विविध गति और मार्ग की अनुमति देता है।

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