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किस प्रकार का शिक्षण-प्रतिमान विषय-वस्तु प्रस्तुत करने के लिए तकनीकी या 'पढ़ाने का एक ही सही तरीका' उपागम पर केंद्रित होता है?

Aअधिगम प्रतिमान (learning paradigm)
Bअनुदेशनात्मक प्रतिमान (instructional paradigm) ✓ Correct
Cमूल्य-वर्धित प्रतिमान (value-added paradigm)
Dअभिवृत्तिपरक प्रतिमान (attitudinal paradigm)
Correct answer: (B) अनुदेशनात्मक प्रतिमान (instructional paradigm)
Explanation

वह प्रतिमान जो विषय-वस्तु प्रस्तुत करने हेतु तकनीकी, 'पढ़ाने का एक ही सही तरीका' उपागम पर केंद्रित है, अनुदेशनात्मक प्रतिमान (instructional paradigm) है।

यह शिक्षण को विषय-वस्तु के संप्रेषण के रूप में देखता है, जिसमें शिक्षक ज्ञान देने वाला केंद्रीय प्राधिकारी होता है।

इसके विपरीत अधिगम प्रतिमान अधिगम उत्पन्न करने पर केंद्रित है और विद्यार्थी को प्रक्रिया के केंद्र में रखता है।

मूल्य-वर्धित प्रतिमान शिक्षा को अधिगमकर्ताओं में जोड़ी गई वृद्धि से आँकता है, वितरण की किसी नियत विधि से नहीं।

अभिवृत्तिपरक प्रतिमान शिक्षण के प्रति अभिवृत्ति और विश्वासों से संबंधित है, विषय प्रस्तुति के किसी एकल तकनीकी तरीके से नहीं।

बार और टैग (Barr and Tagg) ने उच्च शिक्षा में अनुदेशन प्रतिमान और अधिगम प्रतिमान के प्रसिद्ध अंतर को स्पष्ट किया।

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