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वह व्यवहार-प्रतिमान जो पुरस्कार मिलने पर आवृत्ति में बढ़ता है, कहलाता है

Aआकृतिकरण (shaping)
Bचिरसम्मत अनुबंधन (classical conditioning)
Cसामान्यीकरण (generalization)
Dक्रियाप्रसूत अनुबंधन (operant conditioning) ✓ Correct
Correct answer: (D) क्रियाप्रसूत अनुबंधन (operant conditioning)
Explanation

वह व्यवहार-प्रतिमान जो पुरस्कार मिलने पर अधिक आवृत्ति में होता है, वह क्रियाप्रसूत अनुबंधन है, जिसमें परिणाम ऐच्छिक व्यवहार को गढ़ते हैं।

बी.एफ. स्किनर ने इसे स्किनर-बॉक्स से दर्शाया, जहाँ भोजन के लिए लीवर दबाने वाला चूहा उस क्रिया को दोहराता रहा।

आकृतिकरण क्रियाप्रसूत अनुबंधन के भीतर की एक तकनीक है जो लक्ष्य-व्यवहार की ओर क्रमिक सन्निकटनों को पुनर्बलित करती है, न कि स्वयं पुरस्कार-आवृत्ति का नियम।

चिरसम्मत अनुबंधन, पावलॉव से, दो उद्दीपकों को जोड़ता है ताकि उदासीन उद्दीपक प्रतिवर्त उत्पन्न करे, यह अनैच्छिक अनुक्रियाओं से संबंधित है।

सामान्यीकरण मूल अनुबंधित उद्दीपक के समान उद्दीपकों को वही अनुक्रिया देने की प्रवृत्ति है।

अनुक्रिया की आवृत्ति बढ़ाने वाला पुरस्कार धनात्मक पुनर्बलक है, जो दंड से भिन्न है क्योंकि दंड उसे घटाता है।

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