संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में किशोर मूर्त अनुभवों के दायरे से परे सोच, तर्क और विश्लेषण कर सकते हैं?
Aऔपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (formal operational stage) ✓ Correct
Bसंवेदी-प्रेरक अवस्था (sensorimotor stage)
Cमूर्त संक्रियात्मक अवस्था (concrete operational stage)
Dपूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (pre-operational stage)
Correct answer: (A) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (formal operational stage)
Explanation
औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था किशोरों को मूर्त अनुभवों से परे अमूर्त और परिकल्पनात्मक चिंतन से तर्क करने देती है।
संवेदी-प्रेरक अवस्था (B) जन्म से दो वर्ष तक, इंद्रियों और क्रिया से सीखने की है।
मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (C) केवल मूर्त वस्तुओं के साथ तर्क कर पाती है।
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (D) सांकेतिक पर पूर्व-तार्किक चिंतन से चिह्नित है।
औपचारिक संक्रियाएँ लगभग ग्यारह वर्ष से आरंभ होकर परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क देती हैं।
जीन पियाजे (Jean Piaget) ने संज्ञानात्मक विकास की ये चार अवस्थाएँ बताईं।
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