किस तकनीक में शिक्षक विद्यार्थियों को लचीले प्रश्नों का एक समुच्चय देता है जो उन्हें अपने अधिगम पर चिंतन करने को प्रेरित करते हैं?
वह तकनीक जिसमें शिक्षक विद्यार्थियों को लचीले प्रश्नों का समुच्चय देता है जो उन्हें अपने अधिगम पर चिंतन को प्रेरित करते हैं, चिंतनशील संकेत (reflective prompts) कहलाती है।
ऐसे संकेत अधिगमकर्ताओं से यह सोचने को कहते हैं कि उन्होंने कैसे और क्या सीखा, जिससे परा-संज्ञानात्मक जागरूकता गहरी होती है।
स्व-मूल्यांकन में विद्यार्थी अपने कार्य को मानदंडों पर परखते हैं, जो मार्गदर्शक प्रश्नों के समुच्चय से व्यापक है।
सहपाठी-मूल्यांकन में विद्यार्थी एक-दूसरे के कार्य का आकलन करते हैं, संकेतों से अपने अधिगम पर चिंतन नहीं।
उपर्युक्त में से कोई नहीं गलत है, क्योंकि चिंतनशील संकेत इस प्रश्न-तकनीक को ठीक-ठीक नामित करते हैं।
चिंतनशील संकेत परा-संज्ञान (metacognition) को बढ़ावा देते हैं, अर्थात अधिगमकर्ता की अपने चिंतन के प्रति जागरूकता और नियमन।
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