अंतर्ज्ञानात्मक चिंतन (intuitive thinking)
अंतर्ज्ञानात्मक चिंतन, अर्थात् औपचारिक विश्लेषणात्मक चरणों के बिना छलाँग लगाकर संभाव्य उत्तर तक पहुँचना, खोज की प्रक्रिया का स्वाभाविक भाग है।
ब्रूनर के अनुसार ये अस्थायी, अनुमान-आधारित छलाँगें अधिगम में बाद के कठोर सत्यापन से पहले आती हैं और उसे दिशा देती हैं।
पारंपरिक शिक्षण ने केवल क्रमबद्ध विश्लेषणात्मक तर्क को पुरस्कृत करके अंतर्ज्ञान को हतोत्साहित किया है, प्रोत्साहित नहीं।
इसे संज्ञानात्मक प्रक्रिया न मानना गलत है, क्योंकि यह विचार और सूचना-संसाधन की एक वास्तविक विधा है।
'कोई नहीं' विकल्प इसलिए गलत है क्योंकि एक सही विवरण, अर्थात् खोज का भाग, उपलब्ध है।
ब्रूनर ने The Process of Education में अंतर्ज्ञानात्मक चिंतन की तुलना विश्लेषणात्मक चिंतन से की और दोनों को पोषित करने पर बल दिया।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →