निम्नलिखित में से कौन-सी शिक्षार्थी-केंद्रित विधियों की विशेषताएँ हैं?
1.शिक्षक के कार्य अधिकतर एक सुविधाकर्ता के होते हैं
2.शिक्षार्थी स्वतंत्र अधिगमकर्ता बनते हैं
3.शिक्षार्थी अधिगम की प्रक्रिया में सक्रिय प्रतिभागी होते हैं
4.शिक्षार्थी शिक्षक की देखरेख में आवश्यकता-आधारित गतिविधियों में संलग्न होते हैं
A1, 2, 3 और 4 ✓ Correct
Bकेवल 3 और 4
Cकेवल 1 और 2
Dकेवल 1, 2 और 3
Correct answer: (A) 1, 2, 3 और 4
Explanation
शिक्षार्थी-केंद्रित विधियाँ शिक्षक को एक सुविधाकर्ता बनाती हैं जो निर्देश देने के बजाय मार्गदर्शन करता है, इसलिए चारों कथन इन्हें दर्शाते हैं।
शिक्षार्थियों का स्वतंत्र अधिगमकर्ता बनना मूल उद्देश्य है, वे अपनी प्रगति स्वयं सँभालते हैं।
शिक्षार्थी निष्क्रिय ग्रहणकर्ता के बजाय अधिगम प्रक्रिया में सक्रिय प्रतिभागी होते हैं।
शिक्षार्थी शिक्षक की देखरेख में आवश्यकता-आधारित गतिविधियों में संलग्न होते हैं।
शिक्षक का ज्ञान-स्रोत से मार्गदर्शक बन जाना इस उपागम को परिभाषित करता है।
शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा शिक्षक-केंद्रित व्याख्यान विधि के विपरीत है, जहाँ शिक्षक विषय-वस्तु और गति को नियंत्रित करता है।
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