अधिगम के किस सिद्धांत ने पाया कि आंतरिक प्रक्रियाओं का ज्ञान अधिगम को समझने हेतु अनिवार्य है?
संज्ञानात्मक सिद्धांत मानता है कि अधिगम को समझने हेतु आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं का ज्ञान अनिवार्य है।
उद्दीपक-अनुक्रिया सिद्धांतकार (B) केवल प्रेक्षणीय व्यवहार पर ध्यान देते हैं, आंतरिक प्रक्रियाओं की उपेक्षा करते हैं।
क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांतकार (C) व्यवहार के परिणामों से अधिगम की व्याख्या करते हैं, आंतरिक संज्ञान से नहीं।
चिरसम्मत अनुबंधन सिद्धांतकार (D) उद्दीपकों के बीच साहचर्य का अध्ययन करते हैं, जो पुनः बाह्य है।
संज्ञानवादी अधिगमकर्ता के भीतर प्रत्यक्षण, स्मृति, अंतर्दृष्टि और सूचना-संसाधन का अध्ययन करते हैं।
कोहलर जैसे गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों ने अंतर्दृष्टि अधिगम दिखाया, जो प्रयास-त्रुटि का संज्ञानात्मक विकल्प है।
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